Pankaj Udhas Death: पंकज उधास और उनके गीतों की अमर कहानी

भारतीय संगीत जगत में शोक का साया छा गया है। 26 फरवरी, 2024 को प्रसिद्ध गजल गायक पंकज उधास का निधन हो गया।

उनके जाने से संगीत प्रेमियों को गहरा आघात पहुंचा है।

1951 में गुजरात के जेतपुर में जन्मे पंकज उधास की संगीत यात्रा 1970 के दशक में ऑल इंडिया रेडियो के साथ शुरू हुई।

उनकी मधुर आवाज और भावपूर्ण गायिकी ने जल्द ही सबका ध्यान खींच लिया। हालांकि, उन्हें असली पहचान 1980 में अपने पहले एल्बम "आहट" से मिली।

"आहट" एल्बम में उनके गाए गीत "चित्ठी आई है" ने उन्हें रातों रात स्टार बना दिया।

पंकज उधास का नाम आते ही उनके मधुर गीत मन में गूंजने लगते हैं।

"चित्ठी आई है" के अलावा, उन्होंने "कभी कभी मेरे दिल में ख्याल आता है", "चांदी जैसा रंग है तेरी", "दिल देता है रो रो दुहाई", "जिंदगी तू है कैसी", "कोई ना कोई हर शाम आता है" जैसे कई लोकप्रिय गीत गाए।

पंकज उधास को उनके अतुलनीय योगदान के लिए कई सम्मानों से सम्मानित किया गया। 2006 में उन्हें भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मश्री से सम्मानित किया गया।

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